Shikohabad JS University Fake Degree Case:  शिकोहाबाद जेएस यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री प्रकरण से बर्बाद हो रही है हज़ारो छात्रों की ज़िन्दगी

Shikohabad JS University Fake Degree Case:  शिकोहाबाद जेएस यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री प्रकरण से बर्बाद हो रही है हज़ारो छात्रों की ज़िन्दगी |जेएस यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।

Shikohabad JS University Fake Degree Case: शिकोहाबाद जेएस यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री प्रकरण से बर्बाद हो रही है हज़ारो छात्रों की ज़िन्दगी
Shikohabad JS University Fake Degree Case: शिकोहाबाद जेएस यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री प्रकरण से बर्बाद हो रही है हज़ारो छात्रों की ज़िन्दगी

बीपीएड एवं डी-फार्मा के अंतर्गत फर्जी डिग्री जारी होने का मामला खुल चुका है तो पीएचडी से जुड़े मामले की भी जांच चल रही है। वहीं अब यूनिवर्सिटी के अंतर्गत सभी छात्रों के बारे में जानकारी जुटाने की तैयारी की जा रही है ।

Shikohabad JS University Fake Degree Case

शिकोहाबाद की JS University  द्वारा छात्र-छात्राओं को कोर्सों की जारी की कई डिग्री से जुड़ी जांच पोर्टल के जरिये की जाने की तैयारी हो रही है ।

अभी तक यूनिवर्सिटी द्वारा जारी बीपीएड, डी-फार्मा, बीटेक-पॉलीटेक्निक एवं पीएचडी से जुड़ी डिग्रियों पर शक गहराया हुआ था।

इनमे से बीपीएड एवं डी-फार्मा सम्बन्धित डिग्री फर्जी होने का मामला पकड़ में भी आ चुका है। अब जिला प्रशासन को पीएचडी सम्बन्धित डिग्रियों के यूनिवर्सिटी से जनरेट किये जाने का शक है।

ऐसे में अब यूनिवर्सिटी के अंतर्गत मौजूद कोर्सों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के आंकड़े पोर्टल से जुटाए जाने की तैयारी की जा रही है ।

 शिकोहाबाद जेएस यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री प्रकरण

JS University द्वारा जारी की गईं बीपीएड की डिग्रियां राजस्थान के अंतर्गत जयपुर एसओजी ने पकड़ीं तो वहीं गोरखपुर के अंतर्गत आयुष डॉक्टर राजेश कुमार एवं उसके सहयोगी से पुलिस द्वारा डी-फार्मा की फर्जी डिग्री बरामद की गई थी।

इन दोनों ही प्रकरण के अंतर्गत यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव, रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को जयपुर एसओजी द्वारा तथा गोरखपुर के दलाल डॉ. राजेश कुमार एवं उसके सहयोगी को गोरखपुर पुलिस द्वारा जेल भेजा गया है।

इसके बाद जब जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूनिवर्सिटी को अपनी जांच के दायरे में लिया गया है |

अब तक कुल आठ छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति समेत डॉ. पीएस यादव, डॉ. गौरव यादव एवं उमेश मिश्रा तथा अन्य स्टाफ के विरुद्ध केस दर्ज कराया जा चुका है।

केस दर्ज होने के बाद पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी के अन्य कोर्सों समेत पीएचडी के अंतर्गत भी फर्जीवाड़ा होने सम्बन्धित आशंका जताई जा चुकी है।

शिकोहाबाद के सीओ प्रवीण कुमार तिवारी द्वारा बताया गया कि यूनिवर्सिटी के अंतर्गत सभी कोर्सों की सीटों की संख्या का पता कर हर वर्ष होने वाले प्रवेश की जांच चल रही हैं।

इस बात का भी पता किया जा रहा है कि कोर्स की निर्धारित फीस कितनी थी और कितनी वसूली की गई । क्या छात्र-छात्राओं को उनकी फीस से जुड़ी रसीद मिली। वहीं पोर्टल के अंतर्गत कितने छात्र-छात्राओं का कोर्सवार डाटा उपलब्ध करवाया गया है।

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विप्रा द्वारा जारी नोटिस की समय सीमा खत्म होने के बाद आज की जा सकती है कार्रवा

JS University की बिल्डिंग के नक्शे से सम्बन्धित मामले में विकास प्राधिकरण जो द्वारा नोटिस भेजा था, उसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है। आज विकास प्राधिकरण यूनिवर्सिटी की इमारत को लेकर कोई एक्शन ले सकता है।

इसको लेकर जिला प्रशासन से जुड़ी जांच समिति की सोमवार देर दोपहर तक जांच चल रही थी। फर्जी डिग्री प्रकरण मामला सामने आने के बाद से प्रदेश सरकार के निर्देश पर डीएम रमेश रंजन द्वारा सीडीओ शत्रोहन वैश्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया था।

जांच में ये बात सामने आई है कि यूनिवर्सिटी सम्बन्धित भूमि एवं उसके नक्शे और इमारत का आधा ही नक्शा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत पास हुआ था। इतना ही नहीं जो नक्शा पास हुआ, वो भी यूनिवर्सिटी का नहीं था, ऐसी आशंका है कि उसके जगह पर दूसरी जगह का नक्शा छात्र-छात्राओं सम्बन्धित हॉस्टल की बिल्डिंग बताकर पास कराये गये है।

इस बात से जुड़े संकेत भी जांच समिति एवं विकास प्राधिकरण की टीम को मिले थे। विकास प्राधिकरण द्वारा यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजा गया था। नोटिस से जुड़ी समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई। अब विकास प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग को लेकर कोई कार्रवाई की जा सकती है।

टीम की मात्र नोटिस तक की सीमित कार्रवाई के भी है चर्चे   

जेएस यूनिवर्सिटी मामले के अंतर्गत डीएम द्वारा गठित की गई 5 सदस्यीय जांच कमेटी के द्वारा की गई मात्र नोटिस वाली कार्रवाई को लेकर भी जनपद में तरह तरह की चर्चाएं जोरों पर हैं।

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