Fake Branded Desi Ghee: आगरा के एत्मादपुर स्थित एक मोहल्ले में मौजूद तीन घरों में अवैध तौर पर पशुओं का कटान चल रहा था और पशुओं की चर्बी से देसी घी बनाकर बेचा जा रहा था।
Fake Branded Desi Ghee: नकली ब्रांडेड देसी घी हो रहा था तैयार पशुओं की चर्बी से

स्लाटर हाउस बंद होने के बाद एत्मादपुर में स्थित मौहल्ला शेखान के अंतर्गत घरों में पशुओं का अवैध कटान किया जा रहा था। यहां मांस के साथ ही चर्बी और हड्डियां भी बेच डाली जा रही थीं।
मौके पर पुलिस रेड में मिले सामान को देखकर हर कोई हुआ हैरान

पुलिस द्वारा सोमवार सुबह छापा मारकर एक हाल के अंदर से बड़ी मात्रा में मांस, चर्बी और हड्डियां बरामद की गई हैं। चर्बी को घी के टिन में भरकर बाहर आराम से बेच दिया जा रहा था।
मौके से पुलिस द्वारा मकान मालिक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों द्वारा पुलिस पूछताछ में बताया गया कि चर्बी का इस्तेमाल साबुन में किया जा रहा था।
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पुलिस को इसके घी के अंतर्गत मिलावट का इस्तेमाल किए जाने सम्बन्धित आशंका है। पशु चिकित्सक द्वारा इसके सेंपल लिए गये हैं। कुबेरपुर में स्थित स्लाटर हाउस बहुत ही लंबे समय से बंद हैं।
पुलिस को पिछले काफी समय से एत्मादपुर कस्बा में पशुओं को काटकर मांस बेचने सम्बन्धित सूचना प्राप्त हो रही थी। सोमवार सुबह मिली सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर क्राइम के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मोहल्ला शेखान में स्थित बबलू और फरमान के घर पर छापा मारा गया ।
पुलिस द्वारा मौके पर से भारी मात्रा में पशुओं का मांस,काटने से जुड़ा सामान और तराजू आदि सामान जब्त किया है।
इसके बाद टीम के द्वारा क्षेत्र के ही उस्मान के घर में भी छापा मारा गया। यहाँ पर मौके से मांस के साथ ही पशुओं की खाल और 82 घी के टिनों में रखी गई चर्बी बरामद की गई।
एसीपी एत्मादपुर पियूष कांत राय के अनुसार आरोपित द्वारा घर में ही पशुओं को काटकर मांस बेचने की बात को स्वीकार कर लिया गया हैं।
आरोपित क्षेत्रीय लोगों के साथ ही टूंडला,फिरोजाबाद,हाथरस और आगरा शहर के विक्रेताओ से भी मांस लेकर जाते हैं। अधिकतर विक्रेताओ से ये सभी अपने वाहनों के जरिये मांस लेकर जाते हैं।
बरामद चर्बी के बारे में आरोपितों द्वारा बताया गया कि घी के टिन में चर्बी रखकर साबुन और घी बनाने वाले छोटे व्यापारियों को सप्लाई किया जाता था | 15 किलो के मधुसूदन घी का टिन 900 से 1000 रुपये में बिक जाता था।
घी के टिन में होने की वजह से पुलिस की चेकिंग के दौरान पकड़े जाने का खतरा कम रहता था। चर्बी के घी में मिलाने से जुड़ी शंका भी है। इसलिए आरोपितों से इस संबंध में पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
नकली ब्रांडेड देसी घी मधुसूदन कम्पनी का ताजगंज में किया गया था जब्त

Fake Branded Desi Ghee: चर्बी बेचने हेतु जो टिन रखे मिले हैं उनमें से ज्यादातर मधुसूदन देसी घी के निकले हैं। नकली ब्रांडेड देसी घी इसी कंपनी का 2 जनवरी को ताजगंज क्षेत्र के शमसाबाद रोड पर पकड़ा गया था। 18 से अधिक ब्रांड का नकली देसी ब्रांडेड घी फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा था।
एत्मादपुर के अंतर्गत Madhusudan Desi Ghee के साथ ही चंबल रिफाइंड, सोहनी घी, नीलकमल, त्रिकंचन, परम देसी घी जैसे कंपनी के भी खाली टिन जब्त किये गये हैं। आरोपियो द्वारा ये कहां से लाए थे? इससे सम्बन्धित जानकारी अभी इकट्ठी की जा रही है।
नकली ब्रांडेड देसी घी बनाने में इनके नाम दर्ज हुआ मुकदमा
Fake Branded Desi Ghee: एसीपी पीयूष कांत राय के अनुसार पुलिस द्वारा मौके से उस्मान, वाहिद, समीर और बिल्किस को पकड़ा गया है।
मौके से साजिद, फरमान, साजिया, टिल्लू उर्फ आरिफ, राशिद, उस्मान, अबरार, फरमान, नदीम, सलीम, गोविंदा, बबलू, करीम और शमीम आदि फरार बताये गये हैं।
पुलिस द्वारा मौके से 275 किलो मांस, 82 टिन चर्बी से भरे हुए, एक स्कूटी, 11 बोरों में भरा सूखा मीट, चाकू, तराजू बांट और पशुओं की खाल जैसे सामान जब्त किये गये है |पुलिस द्वारा अब इन सभी लोगो पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मेरा नाम Radha Sharma है और मै आगरा में निवास करती हूँ |मैंने पिछले लम्बे समय से इन्टरनेट के माध्यम से कई बड़े ब्लॉगर की वीडियो देखकर ब्लॉगिंग के अंतर्गत अपना भविष्य बनाने हेतु मेरे जीवन के इस पहले ब्लॉग Agrafast.in को शुरू किया है |